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केरल के राज्यपाल व पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का बहराइच पहुंचने पर हुआ शानदार स्वागत,,,,,

केरल के राज्यपाल व पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का बहराइच पहुंचने पर हुआ शानदार स्वागत,,,,,

अब्दुल अज़ीज़

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बहराइच : (NNI 24)केरल के राज्यपाल व पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का बहराइच पहुंचने पर शानदार स्वागत किया गया।केरल के राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद आरिफ मोहम्मद खान का ये पहला बहराइच दौरा है।लखनऊ से बजरिये कार बहराइच की सीमा में प्रवेश करते ही उनके समर्थकों द्वारा घाघरा घाट पर फूल माला पहना कर जहां स्वागत किया गया वहीं उनके स्वागत के लिये लोग रास्तों में खड़े होकर वहां पहुंचने पर उनका स्वागत किया और मुंह मीठा कराया इसके पश्चात जिले में प्रवेश करते हुए सबसे पहले घाघरा घाट पर बसपा नेता खालिद खान ने रोड पर अपनी पूरी टीम के साथ उनका स्वागत किया इसके वह लोग उनके घर गये और वहां उन्होंने उनके परिजनों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल लिया इसके बाद बहराइच के लिये आते हुये जरवल रोड,जरवल कस्बा,कैसरगंज व फखरपुर पुर और टिकोरा मोड़ पर भी भारी भीड़ ने अपने चिर परिचित नेता की अगवानी कर उनका स्वागत किया।बहराइच पहुंचने पर स्थानीय गेस्ट हाउस में उन्होंने क्षेत्रीय लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर सबका हालचाल पूछा।अपने दौरे के दूसरे दिन आरिफ मोहम्मद खान ने बहराइच के प्रसिद्ध सिद्ध स्थान सिद्धनाथ मंदिर पहुंच कर वहाँ पूजा अर्चना की और शिव लिंग का दूध से जलाभिषेक किया इस मौके पर उनके साथ सिद्धनाथ मन्दिर के महंत महाराज गिरि व भाजपा नेता गण जिनमे विशेष रूप से राकेश श्रीवास्तव व अन्य लोग मौजूद रहे,इसके अलावा उन्होंने पीपल चौराहा स्थित गुरुद्वारा पहुंच कर वहां भी माथा टेका।आपको बता दे आरिफ मोहम्मद खान ने बहराइच की धरती पर 1984 में कदम रखा था और इस तरह उन्होंने बहराइच को अपनी राजनैतिक कर्म स्थली मान कर राजनीति में जुट गये जो निरन्तर आगे बढ़ते रहे और वह यहां से तीन बार सांसद चुने जाने के साथ साथ केंद्रीय मंत्री मंडल की शोभा भी बने लेकिन अपनी राजनैतिक कार्य शैलियों की वजह से इन्हें बहुत से उतार चढ़ाव का भी सामना किया जिसके अंतर्गत कांग्रेस से सांसद होकर जहां कई बार मंत्री रहे वही जनता दल के रिजीम में भी जनता ने इन्हें अपने कंधों पर बिठाया लेकिन इतने उच्च उच्च पदों पर आसीन होने के बाद भी आरिफ मोहम्मद खान के द्वारा बहराइच जिले के विकास में निष्क्रिय रहने की वजह से उसी जनता ने इन्हें नकार दिया और इन्हें चुनावी मैदान में हार का भी मजा चखना पड़ा।इनके बारे में लोगों का कहना है कि आरिफ मोहम्मद खान राजनीति में बने रहने और पद की लालसा में पार्टी बदलने के बड़े माहिर हैं जिसके अंतर्गत इन्होंने कांग्रेस से मुंह मोड़ कर जनता दल उसके बाद बसपा और भाजपा की भी सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं और वर्तमान समय मे इनका ये सम्मानित राज्यपाल का पद भी भाजपा की बदौलत हासिल हुआ है।आरिफ खान ने अपने बाद अपनी पत्नी रेशमा आरिफ के सहारे भी अपनी डगमगा रही राजनैतिक नैय्या को संभालने का प्रयास किया था लेकिन वह कामियाब नही हुये और फिर इन्होंने बहराइच को बॉय बॉय कर दिया था और काफी समय तक बनवास में चले गये थे लेकिन राज्यपाल बनने के बाद शायद इन्हें इनकी जिज्ञासा पुनः जाग गयी और तीन दिन के दौरे पर बहराइच आये बल्कि कुछ लोगों का ये भी कहना है कि आरिफ मोहम्मद खान का राजनैतिक मोह अभी भी बरकरार है और वह अपनी खोई हुई सियासी ज़मीन को तलाशते हुये अपने पुत्र मुस्तफा आरिफ को बहराइच से चुनावी दंगल में उतारने के मकसद से इस पिछड़े हुये जनपद की ओर रुख किया है जिसे कभी इनसे बहुत आशाएं थी और इन्होंने उनकी सभी आशाओं पर पानी डाल दिया था।लोगो का ये भी कहना है कि इनके बहुत से ऐसे करीबी हमदर्द रहे लोग काफी परेशानियो से जूझते रहे थे उनकी या तो मौत हो गयी या फिर उनके घरों में मौतें हो गयी थी लेकिन आरिफ साहब ने पलट कर भी उनकी ओर मुंह नही किया लेकिन आज इनका ये तीन रोजा दौरा कहीं न कहीं पुत्र मोह ने इन्ही यहां खींच लाई और उसे चुनाव के लिये जनता के बीच पेश कर सकें।

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